भारी ट्रैफिक में खड़े रहने पर कार की कूलिंग कम हो जाती है, ऐसा क्यों होता है?
दरअसल ट्रैफिक में खड़े होने पर AC की कूलिंग कम होने के पीछे मुख्य कारण हवा का बहाव (Airflow) और इंजन की गर्मी है। इसके पीछे के 3 बड़े तकनीकी कारण ये हैं:
1. कंडेन्सर को हवा नहीं मिलती
AC सिस्टम में कार के रेडिएटर के ठीक आगे एक कंडेन्सर (Condenser) लगा होता है। इसका काम गैस की गर्मी को बाहर फेंकना है।
- चलती कार में: सामने से आने वाली तेज हवा प्राकृतिक रूप से कंडेन्सर को ठंडा कर देती है।
- ट्रैफिक में: कार खड़ी है, इसलिए सामने से हवा नहीं आ रही। हालांकि एक इलेक्ट्रिक फैन चलता है, लेकिन वह उतनी ठंडी हवा नहीं दे पाता जितनी गाड़ी चलने पर मिलती है। जब कंडेन्सर ठंडा नहीं होता, तो अंदर की कूलिंग भी गिर जाती है।
2. इंजन का RPM (रफ्तार) कम होना
जैसा कि हमने पहले बात की, कार का कंप्रेसर इंजन की बेल्ट से जुड़ा होता है। जब आप ट्रैफिक में खड़े होते हैं, तो इंजन ‘Idle’ (न्यूनतम रफ्तार) पर होता है। कम RPM का मतलब है कि कंप्रेसर भी धीमी गति से घूम रहा है। कम गति मतलब कम प्रेशर, और कम प्रेशर मतलब कम कूलिंग। जैसे ही आप रेस (Accelerator) देते हैं, कंप्रेसर तेज घूमता है और ठंडी हवा बढ़ जाती है।
3. आसपास की तपिश (Surrounding Heat)
ट्रैफिक में आप अकेले नहीं होते। आपके आसपास दर्जनों गाड़ियों के इंजन चल रहे होते हैं और उनके साइलेंसर से गर्म हवा निकल रही होती है। सड़क का डामर (Asphalt) भी धूप में तप रहा होता है। आपका AC का बाहरी हिस्सा इसी भीषण गर्मी के बीच फंसा होता है, जिससे उसे गर्मी बाहर निकालने में बहुत संघर्ष करना पड़ता है।
एक ‘प्रो टिप’ जो ट्रैफिक में काम आएगी:
अगर आप ट्रैफिक में फंसे हैं और कूलिंग कम लग रही है, तो अपनी कार को ‘Neutral’ में करके हल्का सा एक्सीलरेटर (RPM बढ़ाना) दबाएं। इससे कंप्रेसर तेज घूमेगा और कंडेन्सर का पंखा भी अपनी पूरी ताकत लगाएगा, जिससे कूलिंग तुरंत बेहतर हो जाएगी।