अपने कमरे के लिए 1 टन वाला एसी लें या 2 टन वाला?

एक कमरे के लिए 1 टन और 2 टन के बीच का चुनाव पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके ‘कमरे का सटीक साइज़’ क्या है और वहाँ ‘गर्मी का माहौल’ कैसा रहता है।
 
इसे आसान बनाने के लिए हम इसे दो हिस्सों में समझते हैं:
 
1. कमरे के साइज़ के हिसाब से सही चुनाव
अगर कमरा ‘नॉर्मल’ साइज़ का है, तो दोनों में से कोई एक ही आपके लिए सही साबित होगा, क्योंकि दोनों की क्षमता में बहुत बड़ा अंतर है:
  • अगर कमरा छोटा है (100–120 sq ft): यहाँ  1 टन का AC बिल्कुल सही है। अगर आप यहाँ 2 टन का एसी लगा देंगे, तो कमरा मिनटों में ठंडा तो हो जाएगा, लेकिन वह हवा की नमी (Humidity) को ठीक से सोख नहीं पाएगा, जिससे कमरे में चिपचिपाहट महसूस होगी और बिजली का बिल भी फालतू ही आएगा।
  • अगर कमरा बड़ा है (180 sq ft से ज्यादा): यहाँ 2 टन का AC ही लगाना पड़ेगा। अगर आप यहाँ पैसे बचाने के लिए 1 टन का एसी लगा देंगे, तो वह बिना रुके (Non-stop) चलता रहेगा, फिर भी कमरा पूरी तरह ठंडा नहीं होगा और आपका कंप्रेसर जल्दी खराब हो सकता है।
2. ‘स्पेशल कंडीशन’ (जब साइज़ के बाद भी फैसला बदलना पड़े)
मान लेते हैं कि आपके कमरे का साइज़ मध्यम (लगभग 140–150 sq ft) है, जहाँ आमतौर पर 1.5 टन का एसी लगता है। लेकिन आपके पास सिर्फ 1 टन या 2 टन का ही विकल्प है, तब आप इन स्थितियों को देखें:
 
इन स्थितियों में 2 टन की तरफ जाएं:
  • टॉप फ्लोर (Terrace): अगर आपका कमरा मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर है और छत दिनभर धूप से तपती है।
  • सीधी धूप (Direct Sunlight): कमरे की खिड़की या मुख्य दीवार पश्चिम या दक्षिण दिशा में है, जहाँ दोपहर की तेज धूप पड़ती है।
  • ज्यादा लोग या उपकरण: कमरे में 4-5 लोग बैठते हैं, या वहाँ कंप्यूटर, बड़ा टीवी और फ्रिज जैसे उपकरण चलते हैं जो गर्मी पैदा करते हैं।
इन स्थितियों में 1 टन की तरफ जाएं:
  • कमरा ग्राउंड या मिडिल फ्लोर पर है (ऊपर कोई दूसरा कमरा है)।
  • कमरे में कोई खिड़की नहीं है या वह ऐसी जगह है जहाँ धूप बिल्कुल नहीं आती।
  • कमरे का इस्तेमाल सिर्फ रात में सोने के लिए होता है जब बाहर का तापमान वैसे ही कम हो जाता है।
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